मालवेयर से भरे ऐप्स यूटिलिटी ऐप के रूप में आपका डेटा चुरा रहे हैं – Wbseries Media


Android Banking Trojan: मालवेयर से भरे ऐप्स यूटिलिटी ऐप के रूप में आपका डेटा चुरा रहे हैं – शोधकर्ताओं की एक टीम ने एंड्रॉइड बैकिंग ट्रोजन के एक सेट का खुलासा किया है जिसने Google की सुरक्षा को प्रभावित किया है। ये मैलवेयर यूटिलिटी ऐप जैसे फाइल मैनेजर्स के जरिए डिस्ट्रीब्यूट किए जा रहे हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

जंहा इस बात का पता चला है कि प्ले स्टोर पर खतरनाक Android ऐप्स का एक नया सेट सामने आया है, जो Google की सुरक्षा को दरकिनार करने में कामयाब रहा है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मैलवेयर से भरे ये ऐप यूटिलिटी एप्लिकेशन के रूप में सामने आए हैं। फिलहाल गूगल ने इसे अभी प्ले स्टोर से हटाया है, लेकिन हटाए जाने से पहले इसके दस हजार से ज्यादा डाउनलोड हो चुके थे।

रिपोर्ट में मिली जानकारी

download This app

ब्लीपिंग कंप्यूटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिटडेफेंडर के साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने चार ऐसे ऐप्स का पता लगाया है, जो यूजर्स के फोन या डिवाइस में मैलवेयर ले जा रहे हैं। इसमें “FileVoyager”, “X-File Manager”, “LiteCleaner M” और “PhoneAdd, Cleaner, Booster 2.6” है।

क्यों खतरनाक हैं ये ऐप्स?

रिपोर्ट के मुताबिक, ये ऐप्स शार्कबॉट नाम का बैंकिंग ट्रोजन मालवेयर डिस्ट्रीब्यूट कर रहे थे, जिसके अब तक कम से कम 16,000 डाउनलोड हो चुके हैं। ऐप फोन की सफाई और फ़ाइल प्रबंधन ऐप के रूप में खुद को छिपाने की कोशिश कर रहा था और यह सफल रहा। शोधकर्ताओं ने यह भी सुझाव दिया कि हमलावरों को उम्मीद थी कि जब ये ऐप उपयोगिता ऐप की नकल करेंगे और विभिन्न अनुमतियां मांगेंगे तो उपयोगकर्ता संदिग्ध नहीं होंगे।

कैसे काम करता है शार्कबॉट ?

रिपोर्ट में कहा गया है कि शार्कबोट को अन्य ऐप्स को नियंत्रित करने और संवेदनशील बैंकिंग डेटा चोरी करने के लिए कई अनुमतियों की आवश्यकता होती है। मैलवेयर वैध बैंकिंग ऐप्स पर कब्जा कर लेता है और जब भी उपयोगकर्ता ऐप में साइन इन करते हैं तो ट्रोजन लॉगिन डेटा चुरा सकता है।

Google की सुरक्षा को भेदने में कैसे रहा कामयाब?

ये ऐप गूगल की सिक्योरिटी से बच सकते थे , क्युकी इंस्टालेशन के समय यह मैलवेयर पेलोड वितरित नहीं करते थे। ट्रोज़न को बाद में तैनात किया गया था , जब अपराधी ने इन ऐप्स के लिए अपडेट ट्रिगर किया था।

यह भी पढ़े – Tata Nexon EV Max को टक्कर देने के लिए महिंद्रा की दमदार इलेक्ट्रिक SUV 2023 की शुरुआत में दस्तक देने वाली है

ऐसी जगह पर बनाया जाता है शिकार मैलवेयर

रिपोर्ट्स ने दवा किया है कि शिकार हुए वियक्तियो में जायदातर ब्रिटेन और इटली के रहने वाले थे। रिसर्चर्स ने यह तक देखा है कि हमलावर ईरान और जर्मनी में शिकार हुए वियक्तियो के बैंक अकाउंट को भी निशाना बना रहे थे।

इन ऐप्स से कैसे सुरक्षित रहें?

Google इन ऐप्स को पहले ही प्ले स्टोर से हटा चुका है। हालाँकि, कुछ उपयोगकर्ताओं के पास अभी भी ये ऐप डाउनलोड हो सकते हैं जो जोखिम भरे हो सकते हैं। जिन उपयोगकर्ताओं के पास ये ऐप्स इंस्टॉल थे, उन्हें इन ऐप्स को हटाने और ऐप्स द्वारा की जाने वाली साइबर आपराधिक गतिविधियों के किसी भी खतरे को कम करने के लिए अपने बैंकिंग खाते के पासवर्ड बदलने की आवश्यकता है।

साथ ही आप एक एंड्रॉइड एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल कर सकते हैं और ऐसे हमलों से बचाने के लिए प्ले प्रोटेक्ट सेवा को सक्षम रख सकते हैं।

Join
Join

Thanks #मलवयर #स #भर #ऐपस #यटलट #ऐप #क #रप #म #आपक #डट #चर #रह #ह #Wbseries #Media

Leave a Comment